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खंडवा आदर्श रेल्वे स्टेशन पर रातभर से पड़ी रही
लाश |
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खंडवा।
खंडवा के स्टेशन के मुख्य द्वार पर स्थित जीआरपी पुलिस सहायता केंद्र
के ठीक सामने वाली बेंच पर कल रातभर से एक लाश पड़ी रही. और प्रतीक्षा
करने वाले यात्री लाश को ज़िंदा समझकर उसी बेंच पर बैठते रहे. लेकिन
उस समय ड्यूटी पर स्थित लापरवाह मगर कमाई में लगे पुलिसकर्मियों को
लाश नजर नहीं आई और न ही रेल्वे के किसी कर्मचारी को. उल्लेखनीय है
कि खंडवा के रेल्वे स्टेशन को आदर्श रेल्वे स्टेशन का दर्जा तो
प्राप्त है लेकिन आये दिन यहाँ यात्रियों को परेशानियों का सामना करना
पड़ता है.
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इतना ही नहीं सुबह 11 बजे तक लाश उसी बेंच पर पड़ी थी. मगर ड्यूटी कर
रहे जवानों ने और न ही रेल्वे प्रशासन ने उसकी सुध ली. जब कुछ
मीडियाकर्मियों ने लाश देखी तो जीआरपी सहायता केंद्र पर लिखे मोबाइल
नंबरों पर काल की, लेकिन 1 नंबर बंद था तो दूसरा इंदौर के किसी
पुलिसकर्मी का था. तो वहीँ पुलिस सहायता केंद्र की बेंच पर कुत्ते
विराजमान थे. जब थाने को सूचित किया तो आनन-फानन में दो पुलिसकर्मी
दौड़े-दौड़े आये और लाश का मुआयना किया. फोटोग्राफर नहीं होने से लाश
को 11 :30 बजे तक पोस्ट मार्टम के लिए नहीं भेजा जा सका. लाश को उठाने
के लिए जीआरपी थाने में मूलभूत स्ट्रेचर भी नहीं है, दो लोहे के पाईप
और एक टिन की चद्दर की सहायता से लाश को अति दुर्गति से उठाया गया.
इधर
अब पुलिस सहायता का केंद्र नजारा बदला हुआ था, कुछ देर पहले जहाँ
बेंच पर कुत्ते आराम फरमा रहे थे उसी बेंच पर अब पुलिसकर्मी बैठकर
शेष कारवाई को अंजाम दे रहे थे.
जीआरपी थाना ने बताया कि मृतक की कोई शिनाख्त नहीं हो पाई है, उसके
पास से 11 नवम्बर को बनी, ग्रामीण रुग्णालय, अकोट की एक छिट्ठी मिली
है जिसमे देविदास वानखेड़े का नाम लिखा है. समाचार लिखे जाने तक लाश
को पोस्ट मार्टम हेतु जिला चिकित्सालय भेजा जा चुका था.
प्रथम चित्र के इनसेट में पीले रंग की शर्ट में मृतक की लाश.
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Update on :
11/19/2009 01:54 PM |
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