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कर्मचारी ने
सिविल सर्जन के खिलाफ मोर्चा खोला
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खंडवा।
जिला अस्पताल के साथ ही शहरी क्षेत्र में कार्य करने वाली स्वास्थ्य
विभाग की महिला कर्मचारी ने सिविल सर्जन पर अभद्र व्यवहार का आरोप
लगाते हुए मोर्चा खोल दिया है l कलेक्टर समेत उच्च स्तरपर शिकायत
भेजी गई है l यह दूसरी शिकायत है l इससे कुछ दिन पहले की गई शिकायत
की जाँच में सिविल सर्जन के अधीनस्थ द्वारा ही कर्मचारियों को धमकाने
की भी बात सामने आई है l एक कर्मचारी नेता ने भी सिविल सर्जन द्वारा
धमकाने की शिकायत की है l पूरा जिला अस्पताल कर्मचारियों- अधिकारियो
की लड़ाई में उलझ गया है l ऐसे में यहाँ पहुंचने वाले मरीजो को कितना
कारगर इलाज मिलता होगा, सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है l
जेल भेजने तक की धमकी
9 दिसंबर 2009 को 50 से अधिक महिला कर्मचारियों ने एक हस्ताक्षरित
शिकायत कलेक्टर को दी थी l इसमे जिला अस्पताल एवं लेडी बटलर की
स्टॉफ नर्स एवं चतुर्थ श्रेणी महिला कर्मचारी के साथ सिविल सर्जन पर
अभद्रता का आरोप लगाया गया था l शिकायत में बताया गया है सिविल
सर्जन द्वारा तबादला करवाने , वेतन रोकने और जेल भेजने तक की धमकी दी
जाती है l
अधिनस्थों को ही सौपी जाँच
बताया जाता है शिकायत के बाद जाँच की ज़िम्मेदारी सिविल सर्जन के
अधिनस्थों जिला कुष्ठ अधिकारी डॉ.व्ही के संजय को ही सौप दी गई l
शनिवार को महिला कर्मचारियों ने फिर से शिकायत की कि जाँच के नाम पर
हमें धमकाया जा रहा है l वेतन रोकने के साथ ही यह भी धमकी दी जा रही
है कि मैंने जैसा बताया वैसा ही बयान देना l
कर्मचारी संघ ने भी कि शिकायत
इस मामले में स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने भी एक शिकायत कलेक्टर को दी
है l अध्यक्ष अब्दुल सत्तार खान ने बताया मैदानी कर्मचारी के साथ
अभद्रता की वजह से शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में
भी परेशानी आ रही है l कर्मचारी संगठन के पदाधिकारियों को भी धमकाया
जा रहा है l पूरे मामले में कर्मचारी नेताओं का कहना है कि अपनी
साठगाठ बनाए रखने के लिए सिविल सर्जन निचले स्तर के कर्मचारियों को
मोहरा बनाते है l
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Update on :
01/02/2010 10:10 PM |
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