| |
|
|
पंचायत चुनाव
- सचिवो की बढ़ी धड़कन
|
|
खंडवा।
ग्रामीण क्षेत्रो में सरपंच और पंच चुनाव को लेकर जोड़-तोड़ शुरू हो
गई है.पाँच साल तक सरपंच रहे कई लोग इस बार आरक्षण के कारण चुनाव नहीं
लड़ पाएंगे. ऐसी स्थिति में वे अपने समर्थको को सरपंच बनाए जाने के
प्रयास में जुट गए है . वहीँ पंचायत सचिवो के दिल की धड़कने भी बढ़ गई
है . वे खुले रूप से तो किसी का समर्थन नहीं कर रहे है लेकिन ऐसे
व्यक्ति को सरपंच बनाए जाने के प्रयास में जुट गए है जिससे उनके
सम्बन्ध अच्छे हो. वे प्रयास कर रहे है कि सरपंच ऐसा व्यक्ति चुना
जाए जो उनकी बात मान ले. कई सचिव इसी प्रयास के कारण सरपंच पद के
उम्मीदवारों से मेल - जोल बड़ा रहे है. उन्हें अप्रत्यक्ष रूप से
सहयोग भी कर रहे है. ऐसे सचिव लोगो की भीड़ में तो नजर नहीं आ रहे है
लेकिन व्यक्तिगत रूप से सरपंच चुने जाने संभावित उम्मीदवार से जुड़
गए है .
कही खुल न जाए कलाई
पिछले पाँच सालो में जिन सचिवो ने सरपंचो की मिली भगत से सरकारी
योजनाओ में गड़बड़ी की है लेकिन तक वे कानूनी कार्रवाही से बचे रहे ,
ऐसे सचिव काफी चिंतित नजर आ रहे है . उन्हें अब इस बात का भय सताने
लगा है कि आने वाले सरपंच से यदि उनकी नहीं बैठी तो पिछले कार्यकाल
में किए गलत कम उजागर हो सकते है . इसी कारन अभी उन्होंने अपनी पसंद
के व्यक्ति को सहयोग करना शुरू कर दिया ताकि आने वाले समय में उन्हें
किसी प्रकार की क़ानूनी कार्रवाई का सामना नहीं करना पड़े .
चौपाल पर देर रात तक चर्चा
सरपंच और पाँच पद के लिए अधिक संख्या में प्रत्याशी होने के कारण इस
बार कौन चुना जायेगा ? इस बात को लेकर चौपालों पर देर रात तक लोग
चर्चाए कर रहे है . दिनभर खेती का कम निपटने के बाद शाम से शुरू होने
वाली बैठके रात १ बजे तक चल रही है . इस दौरान जोड़ - तोड़ के प्रयास
भी किए जा रहे है . नामांकन भर चुके उम्मीदवारों से नाम वापस लिए जाने
के प्रयास भी किए जा रहे है ताकि गाँव में दबदबा रखने वाला व्यक्ति
आसानी से चुनाव जीत सके .
समर्थको के लिए जोड़ - तोड़
सरपंच पद के लिए नामांकन जमा करने के बाद प्रत्याशी प्रयास कर रहे है
कि अधिकांश पाँच भी उसके समर्थक ही रहे . एक सामान मानसिकता वाले पंच
सरपंच चुने जाने से वे बिना किसी विरोध के कोई भी निर्णय आसानी से ले
सकेंगे . इसलिए जोड़ -तोड़ के प्रयास जमकर किए जा रहे है..
|
Update on :
01/04/2010 03:10 AM |
|
|
|