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गौड़ आदिवासी
समाज की अनोखी परंपरा
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खंडवा। भारत
में आदिवासियों में अनेक अनोखी परम्पराएँ प्रचलित है. ऐसी ही एक
परंपरा मध्य प्रदेश के गौंड आदिवासियो में देखने को मिली. जो होली के
बाद मेघनाथ बाबा (गाद आदिवासियों के देवता ) के मेले के दौरान मनाई
जाती है. जिसमें तेल से चिकने किये गए 50 फीट ऊँचें खम्बे के सिरे पर
प्रसाद(गुड और नारियल ) बांध दिया जाता है. इसे प्राप्त करने के लिए
जब युआ खम्बे पर चड़ते हैं तो युवतियां और महिलाएं उन्हें छड़ों से
पिटती है. यही प्रकिर्या उतरते समय भी दोहराई जाती है. जब युवक उक्त
प्रसाद को पा लेता है तो उसे एनी साथियों में बांटकर खता है. इसके
करने से ये मन जाता है की मेग्नाथ बाबा प्रसन्न रहेंगें.
कल 10 मार्च को खंडवा से 60 किलो मीटर दूर खालवा तहसील के ग्राम धावडी
में इसी परम्परा को यहाँ के गौड़ आदिवासियों द्वारा भी मनाया गया. इस
मौके पर आदिम जाती कल्याण मंत्री विजय शाह भी धावडी पहुचे थे.
उन्होंने भी मेघनाथ बाबा की पूजा-अर्चना की.
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Update on :
03/11/2010 07:53:47 PM |
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