खंडवान्यूज डाटकाम

  प्रधान संपादक - श्री अनिल सारसर

 
 
 
 
अनिवार्य शिक्षा अधिनियम - राज्य सरकार के माथे पर चिंता के लकीरें

खंडवा। नया शिक्षा सत्र शुरू हो रहा है, लेकिन राज्य सरकारें निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा अधिनियम 2009 के क्रियान्वयन को लेकर चिंतित नजर आ रही है. राज्य सरकारों को अभी तक केंद्र से इस अधिनियम की गाईडलाइन के साथ केंद्र से मिलने वाली राशि का इन्तेजार है. इस अधिनयम के तहत निजी स्कूलों को प्रवेश वाली कक्षाओं में निर्धन वर्ग के बच्चों को 25 % अनिवार्य रूप से प्रवेश देना होगा. लेकिन इसका खर्च राज्य सरकारों को वहन करना पडेगा. अपितु केंद्र इसके लिए भी राज्य को मदद करेंगी. लेकिन राशि मिलने में होने वाली देरी इसके क्रियान्वयन को कहीं-न-कहीं प्रभावित जरुर करेगी. मध्य प्रदेश जैसे राज्य की शिक्षा मंत्री इस अधिनियम को लेकर चिंतित है तो पिछड़े व गरीब रज्यों में इस अधिनियम की क्या दशा होगी समझा जा सकता है.

 

 

 


दरअसल कल 23 जून को देर शाम को खंडवा के गौरीकुंज सभाग्रह में मध्य प्रदेश की स्कुल शिक्षा मंत्री अर्चना चिटनिस ने निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा अधिनियम 2009 पर आयोजित कार्यशाला में स्कुल संचालको, शिक्षकों व नागरिकों के आमने-सामने जवाब दिये. लेकिन इस बीच वे कई सवालों के जवाब गोलमाल कर गई. उनका कहना था कि राज्य सरकार को अभी तक अधिनियम कि कोई स्पष्ट गाईडलाइन और केंद्र से मिलने वाली मदद नहीं मिल पाई है. वे सरकारी खजाने पर पड़ने वाले लगभग 11 हजार करोड़ रूपये के इस अतिरिक्त भार को लेकर चिंतित नजर आई. ये और बात है कि वे इस अधिनियम बड़ा लाभकारी बता रही है.


निर्धन व पिछड़े स्कूली बच्चो के लिए छात्रवृति कि व्यवस्था करने वाले मध्य प्रदेश के आदिम जाति कल्याण विभाग के मंत्री कुवंर विजय शाह भी शिक्षा मत्री के समर्थन में खड़े नजर आये. उनका कहाँ था कि अनिवार्य शिक्षा अधिनियम समाज के हर तबके के लिए लाभकारी है. इसके लिए हम केंद्र से शीघ्र राशि उपलब्ध कराने कि माग कर रहे है. ताकि इस सवेंधानिक कार्य को सही तरीके से लागू किया जा सके.

इस अधिनियम में 25 % निर्धन बच्चों की पहचान, निजी स्कुलो द्वारा लिए जाने वाली फीस का नियमन, विकलांग व मानसिक रोगी बच्चो के लिए कोई प्रावधान का न होना, शिक्षकों के वेतन विसंगति, और उनसे शिक्षा के अलावा लिए जाने वाले अन्य कार्यों का कोई कुलसा नहीं होने जैसे कई सवाल अभी बाकी है. देखना होगा कि ये अधिनियम शिक्ष के क्षेत्र में क्या क्रांति लाता है?



 

Posted on : Thursday June 24, 2010 04:14 PM        

 

 

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