| |
|
|
|
अवैध स्टोन क्रेशर चलाकर प्रदुषण फैलाने रहे
संचालक को 2 साल का सश्रम कारावास |
|
खंडवा। प्रदुषण
नियंत्रण बोर्ड की अनुमति के बगैर स्टोन क्रेशर कारखाना लगाकर वायु
प्रदुषण फैलाने के आरोप में प्रथम क्ष्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी भरत
कुमार व्यास ने मोहम्मद अय्यूब पिता हाजी मोहम्मद यासीन को वायु
प्रदुषण निवारण एवं नियंत्रण अधिनियम 1981 की धारा 37 व 40 में 2 -2
वर्ष की सश्रम कारावास की सजा से दण्डित किया है. फैसले में अर्थ दंड
भी लगाया गया है.
क्या था मामला:- बोर्ड
के अधिकारी अछुतानंद मिश्रा ने 29 मार्च 2010 को निरीक्षण के दौरान
ग्राम भाऊसिंहपूरा में मेसर्स अय्यूब स्टोन क्रेशर का अवैध रूप
सञ्चालन करना पाया था. वरन उससे वायु प्रदुषण भी फैला रहा था.
उन्होंने प्रोप्रायटर मोह. अय्यूब को अनुमति लेने के निर्देश भी दिए
थे, लेकिन उसने नहीं ली. बगैर अनुमति कारखाना संचालन जारी रखना
अधिनियम का उल्लंघन है. उन्होंने प्रकरण दर्ज कर अधिवक्ता गिरीश
तिवारी के जरिये न्यायलय में परिवाद पेश किया.
संवेधानिक अधिकारों का हनन:- इस
अहम् फैसले में नयायाधीश ने महत्व पूर्ण टिप्पणी की कि वायु प्रदुषण
न सिर्फ अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध है वरन देश के प्रत्येक नागरिक
का एवं उन्हें प्रदुषण मुक्त वायु प्रदान करने के लिए उनके संवेधानिक
अधिकारों के विरूद्ध किया गया कृत्य है. इस मामले में आरोपी को कठोर
दंड नहीं दिया गया तो समाज में विपरीत प्रभाव पडेगा और व्यक्ति मौलिक
अधिकारों से वंचित रह आयेगा. उन्होंने कहा अधिनियम के तहत कठोर दंड
दिया जाना इस अधिनियम के उल्लंघन को रोकने के लिए भी होगा.
बचाव पक्ष कि दलीलें खारिज :-
आरोपी के अधिवक्ता शेख साजिद ने बचाव
में कहा कि अवैध वसूली के कारण उनके पक्षकार को झूठा फंसाया गया है.
परिवादी ने निरिक्षण प्रतिवेदन भी प्रमाणित नहीं किया. नयायाधीश ने
बचाव पक्ष की दलीलें खारिज करते हुवे कहा कि निरिक्षण अधिकारी द्वारा
अवैध रूप से राशि की मांग के संबंध में आरोपी ने किसी स्तर की कोई
शिकायत पेश नहीं की और न ही इस संबंध में न्यालय में कोई प्रमाण पेश
किये. परिवाद प्रमाणित पाते हुवे बगैर अनुमति कारखाना सञ्चालन पर 5
हजार रूपये का दंड भी मेसर्स अय्यूब स्टोन क्रेशर को अदा करना होगा.
|
Posted on :
Friday July 30, 2010 09:49 AM |
|
|
|